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एक दिन खाना खाते हुए सविता भाभी ने अपने पति अशोक से पूछा- क्या बात है अशोक, तुम कुछ परेशान से लग रहे हो?
‘हाँ.. आर्थिक मंदी के कारण मेरी कम्पनी में भी परेशानियां हैं और इसी के चलते मेरी नौकरी भी जा सकती है।
सविता भाभी कुछ परेशान होकर सोच में पड़ गईं।
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अशोक- तुम्हारा क्या रहा.. तुम अपना हैल्थ चैकअप कराने गई थीं?
सविता भाभी मन में उस चैकअप के दौरान हुई घटना को सोचते हुए बोलीं- सब ठीक रहा।
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जबकि उनके मन में चल रहा था कि ‘अब तुम्हें क्या बताऊँ अशोक… चैकअप और भी मजेदार हो सकता था।’
खाने के दौरान सविता भाभी ने हैल्थ चैकअप के विषय को बदलते हुए कहा- अशोक, क्या मैं नौकरी करने की कोशिश करूँ? मेरी सहेली शालिनी कह रही थी कि उसके ऑफिस में एक जगह खाली है।
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अशोक की मौन स्वीकृति को जान कर सविता भाभी ने फोन उठाते हुए बोला- मैं अभी शालिनी से बात करती हूँ।
शालिनी से बात करने के बाद सविता भाभी ने बताया- उसने मुझे दो दिन बाद मुझे अपने विवरण पत्र के साथ आने को कहा है।
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अशोक- ओह्ह.. ठीक है।
दो दिन बाद:
सविता भाभी पूरी लगन से नौकरी के लिए इंटरव्यू के लिए तैयार होने लगीं।
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वे अपने ड्रेसिंग टेबल के शीशे के सामने एक छोटी सी तौलिया पहने हुए अपने कामुक जिस्म को निहारते हुए सोच रही थीं कि इन्टरव्यू के लिए मुझे किस तरह की साड़ी ब्लाउज पहनना चाहिए।
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फिर उन्होंने सोचा कि गहरे गले का ब्लाउज नीली साड़ी पहनती हूँ क्योंकि इन्टरव्यू के समय मुझे सुन्दर दिखना चाहिए।
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अभी सविता भाभी अपने अंडरगारमेंट्स पहन ही रही थीं, उन्होंने एक छोटी सी पैन्टी पहनी फिर अपने भरे हुए मम्मों पर ब्रा पहन रही थीं कि मनोज मालिश वाला आ गया.. जो सविता भाभी की चूत को बड़े ढंग से चोद चुका था।
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भाभी ने जैसे ही उसको देखा तो बड़ी प्रसन्नता जाहिर करते हुए उससे कहा- तुम बिल्कुल सही समय पर आए हो मनोज.. जरा मेरी ब्रा के हुक को लगा देना।
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मनोज भाभी को सजने संवरने में मदद करने लगा और जब सविता भाभी पूरी तैयार हो गईं तो मनोज ने सविता भाभी की सुन्दरता की तारीफ़ करते हुए कहा- भाभी जी, आप बहुत सुन्दर लग रही हैं.. आपको नौकरी जरूर मिल जाएगी।
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सविता भाभी एक ऑटो से शालिनी के ऑफिस पहुँच गईं और उधर पहुँच कर उन्होंने शालिनी को फोन लगाया- हैलो शालिनी.. मैं तुम्हारे ऑफिस के बाहर पहुँच गई हूँ.. हाँ ठीक है, मैं अन्दर आती हूँ..
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सविता भाभी के मस्त कामुक जिस्म पर जिसकी भी नजर पड़ती.. वो एक पल के लिए उनकी तरफ ललचाई निगाहों से देखने लगता।
सविता भाभी ने बड़ी नफासत से शालिनी के ऑफिस में कदम रखा तो सामने शालिनी दिख गई।
‘हाय सविता.. यहाँ आ जाओ.. मैनेजर ज़रा फोन पर व्यस्त हैं.. बस अभी दस मिनट में उनसे मिलने चलते हैं।’
सविता भाभी अपनी सहेली शालिनी के साथ बैठ गईं और उन्होंने पूछा- शालू ये जगह काम के लिए सही है न?
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शालिनी- ये जगह एकदम सही है.. बस तुम्हारा व्यवहार खुला और दोस्ताना होना चाहिए.. तुम यहाँ से बहुत कुछ पा सकती हो।

तभी घन्टी बज उठी, जिस पर शालिनी ने कहा- चलो बॉस ने बुलाया है।
अन्दर जाते ही शालिनी ने बॉस से सविता भाभी का परिचय कराते हुए कहा- सर ये मेरी सहेली है जिसके बारे में मैं आपको बता रही थी।
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सर ने सविता भाभी को ऊपर से नीचे तक बेहद कामुकता भरी निगाहों से देखा और मन ही मन में सोचने लगा- क्या गरम चीज है.. इसके ऑफिस में होने से तो मेरा हमेशा खड़ा ही रहेगा।
‘हैलो.. आप सविता हैं न.. मेरा नाम पंकज मिश्रा है।’
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‘जी.. मैं सविता ही हूँ!’
सर ने शालिनी से कहा- शालिनी, तुमने स्टाफ को कह दिया है न कि इन्टरव्यू खत्म होने तक हमें कोई भी डिस्टर्ब न करे..
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‘जी मिश्रा जी मैंने कह दिया है।’ शालिनी ने कहा और वो देखने लगी कि मिश्रा जी सविता भाभी के मम्मों पर गहरी निगाह गड़ाए हुए हैं।
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सविता ने भी इस बात पर गौर किया होगा।
सर ने सविता भाभी से कहा- आप बैठिए प्लीज़.. देखिये हमें अपने बड़े साहब के लिए एक पर्सनल सेक्रेटरी चाहिए.. एक ‘ख़ास’ सेक्रेटरी..!


‘जी..’
‘दरअसल बड़े साहब अक्सर बिजनेस टूर पर जाते रहते हैं। उनको कोई ऐसी सेक्रेटरी चाहिए.. जो उनकी यात्रा के टिकट, होटल बुकिंग करने के अलावा उनके साथ रह भी सके।’
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‘उनके साथ रह सके?’
मैनेजर ने सविता भाभी के सवाल पर कोई ध्यान ने देते हुए उनके हुस्न के नशे में डूबते हुए सोचा कि काश ये माल मेरे साथ मेरे बेडरूम में हो तो मजा आ जाए। अगर ये मेरे बिस्तर में नंगी होकर मेरे साथ चुदने को तैयार हो जाए तो मजा आ जाए.. मैं तो इस पर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दूँ।
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उसके मन मस्तिष्क में इस वक्त सविता भाभी का नंगा जिस्म घूम रहा था।
तभी मैनेजर ने खामोशी तोड़ते हुए सविता भाभी से पूछा- तो मैं कह रहा था कि क्या तुम इस काम के खुद को योग्य समझती हो? क्या तुम बड़े साहब की सभी ‘जरूरतों’ को पूरा कर पाओगी?
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‘जी..’ सविता भाभी कुछ सोचने लगीं।
मैनेजर- तुम्हारी सहेली शालिनी ने इस कम्पनी में एक बहुत ही छोटी सी पोजीशन से काम शुरू किया था। पर ये काफी खुले विचारों की और सहयोग करने वाली है। इसलिए इसने बहुत तरक्की कर ली है। ठीक है न शालिनी?
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शालिनी ने मैनेजर से चिपकते हुए बड़ी कामुकता से निकटता जताते हुए कहा- हाँ सविता.. जैसा मैंने तुम्हें बताया था कि अपने खुले विचारों और दोस्ताना रवैए से बॉस को खुश रखना ही सबसे जरूरी है। तुमको बताना चाहती हूँ कि बड़े साहब के बाद मिश्रा जी ही सर्वेसर्वा हैं.. इसी लिए मैं इन्हें खुश रखती हूँ।
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सविता भाभी ने देखा कि शालिनी मिश्रा जी से एकदम चिपक कर खड़ी थी। ये देख कर सविता भाभी सोचने लगीं कि शालू कुछ ज्यादा ही चिपक रही है.. ये साली पहले से चुदक्कड़ रही है.. हो न हो इसने मिश्रा जी को अपने हुस्न के जाल में फंसाया हुआ है।
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साथ ही सविता भाभी ने देखा कि मैनेजर मिश्रा शालिनी से चिपकते हुए कुछ गर्म से हो रहे हैं।
पर अगले ही पल सविता भाभी ने सोचा कि मुझे बहुत जल्दी किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए.. हो सकता है मैं गलत होऊँ।
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पर जब शालिनी मैनेजर मिश्रा से चिपकी ही रही और मिश्रा ने भी शालिनी की गाण्ड से अपना हाथ नहीं हटाया तो सविता भाभी समझ गईं कि ये मैनेजर पक्के में शालिनी की गांड सहला रहा है।
इस सीन को देख कर सविता भाभी भी गरम होने लगीं।
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तभी मैनेजर सविता भाभी की तारीफ़ करने लगा- सविता, वैसे तुम्हारी साड़ी भी बहुत खूबसूरत है। तुम पर बहुत फब रही है।
‘ओह्ह.. धन्यवाद..’
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शालिनी ने एक कदम आगे बढ़ कर सविता भाभी की साड़ी के कपड़े को छू कर देखा और कहा- हम्म.. कपड़ा भी अच्छा है।
जब सविता ने कुछ नहीं कहा तो शालिनी ने सविता भाभी के ब्लाउज को टटोलते हुए कहा- तुम्हारा ब्लाउज भी बहुत सुन्दर है।

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सविता भाभी अभी खुश ही हो रही थीं कि शालिनी ने सविता भाभी के पीछे हाथ डालते हुए सविता भाभी का ब्लाउज खोल दिया और यह कहते हुए ब्रा खोलने लगी- आओ, मैं तुम्हें तुम्हारी जिम्मेवारियां समझा दूँ।
सविता भाभी एकदम से अचकचा गईं।
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‘तुम ये क्या कर रही हो शालू?’
तभी पीछे से मैनेजर ने कहा- तुम्हारी सहेली कह रही थी कि तुमको इस नौकरी की बहुत जरूरत है.. अगर तुम्हें ये काम पसन्द नहीं है तो तुम जा सकती हो। मैं नहीं चाहता हूँ कि तुम बाद में कोई शिकायत करो.. समझीं?
सविता भाभी ने हथियार डालते हुए कहा- जी सर..
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बस फिर क्या था शालिनी को तो मानो हरी झण्डी मिल गई और वो सविता भाभी के कपड़े उतारने लगी।
शालिनी- सर यहाँ आइए।
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मैनेजर ने सविता भाभी के नजदीक आकर उनके साथ क्या-क्या किया और आप सभी की गरम सविता भाभी ने किस तरह से चुदाई के खेल में अपना इंटरव्यू पास किया।
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एक दिन खाना खाते हुए सविता भाभी ने अपने पति अशोक से पूछा- क्या बात है अशोक, तुम कुछ परेशान से लग रहे हो?
‘हाँ.. आर्थिक मंदी के कारण मेरी कम्पनी में भी परेशानियां हैं और इसी के चलते मेरी नौकरी भी जा सकती है।
सविता भाभी कुछ परेशान होकर सोच में पड़ गईं।
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अशोक- तुम्हारा क्या रहा.. तुम अपना हैल्थ चैकअप कराने गई थीं?
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जबकि उनके मन में चल रहा था कि ‘अब तुम्हें क्या बताऊँ अशोक… चैकअप और भी मजेदार हो सकता था।’
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अशोक की मौन स्वीकृति को जान कर सविता भाभी ने फोन उठाते हुए बोला- मैं अभी शालिनी से बात करती हूँ।
शालिनी से बात करने के बाद सविता भाभी ने बताया- उसने मुझे दो दिन बाद मुझे अपने विवरण पत्र के साथ आने को कहा है।
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सविता भाभी पूरी लगन से नौकरी के लिए इंटरव्यू के लिए तैयार होने लगीं।
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फिर उन्होंने सोचा कि गहरे गले का ब्लाउज नीली साड़ी पहनती हूँ क्योंकि इन्टरव्यू के समय मुझे सुन्दर दिखना चाहिए।
अभी सविता भाभी अपने अंडरगारमेंट्स पहन ही रही थीं, उन्होंने एक छोटी सी पैन्टी पहनी फिर अपने भरे हुए मम्मों पर ब्रा पहन रही थीं कि मनोज मालिश वाला आ गया.. जो सविता भाभी की चूत को बड़े ढंग से चोद चुका था।
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सविता भाभी अभी खुश ही हो रही थीं कि शालिनी ने सविता भाभी के पीछे हाथ डालते हुए सविता भाभी का ब्लाउज खोल दिया और यह कहते हुए ब्रा खोलने लगी- आओ, मैं तुम्हें तुम्हारी जिम्मेवारियां समझा दूँ।
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सविता ने भी इस बात पर गौर किया होगा।
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मैनेजर- तुम्हारी सहेली शालिनी ने इस कम्पनी में एक बहुत ही छोटी सी पोजीशन से काम शुरू किया था। पर ये काफी खुले विचारों की और सहयोग करने वाली है। इसलिए इसने बहुत तरक्की कर ली है। ठीक है न शालिनी?
शालिनी ने मैनेजर से चिपकते हुए बड़ी कामुकता से निकटता जताते हुए कहा- हाँ सविता.. जैसा मैंने तुम्हें बताया था कि अपने खुले विचारों और दोस्ताना रवैए से बॉस को खुश रखना ही सबसे जरूरी है। तुमको बताना चाहती हूँ कि बड़े साहब के बाद मिश्रा जी ही सर्वेसर्वा हैं.. इसी लिए मैं इन्हें खुश रखती हूँ।
सविता भाभी ने देखा कि शालिनी मिश्रा जी से एकदम चिपक कर खड़ी थी। ये देख कर सविता भाभी सोचने लगीं कि शालू कुछ ज्यादा ही चिपक रही है.. ये साली पहले से चुदक्कड़ रही है.. हो न हो इसने मिश्रा जी को अपने हुस्न के जाल में फंसाया हुआ है।
साथ ही सविता भाभी ने देखा कि मैनेजर मिश्रा शालिनी से चिपकते हुए कुछ गर्म से हो रहे हैं।
पर अगले ही पल सविता भाभी ने सोचा कि मुझे बहुत जल्दी किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए.. हो सकता है मैं गलत होऊँ।
पर जब शालिनी मैनेजर मिश्रा से चिपकी ही रही और मिश्रा ने भी शालिनी की गाण्ड से अपना हाथ नहीं हटाया तो सविता भाभी समझ गईं कि ये मैनेजर पक्के में शालिनी की गांड सहला रहा है।
इस सीन को देख कर सविता भाभी भी गरम होने लगीं।
तभी मैनेजर सविता भाभी की तारीफ़ करने लगा- सविता, वैसे तुम्हारी साड़ी भी बहुत खूबसूरत है। तुम पर बहुत फब रही है।
‘ओह्ह.. धन्यवाद..’
शालिनी ने एक कदम आगे बढ़ कर सविता भाभी की साड़ी के कपड़े को छू कर देखा और कहा- हम्म.. कपड़ा भी अच्छा है।
जब सविता ने कुछ नहीं कहा तो शालिनी ने सविता भाभी के ब्लाउज को टटोलते हुए कहा- तुम्हारा ब्लाउज भी बहुत सुन्दर है।
सविता भाभी अभी खुश ही हो रही थीं कि शालिनी ने सविता भाभी के पीछे हाथ डालते हुए सविता भाभी का ब्लाउज खोल दिया और यह कहते हुए ब्रा खोलने लगी- आओ, मैं तुम्हें तुम्हारी जिम्मेवारियां समझा दूँ।
सविता भाभी एकदम से अचकचा गईं।
‘तुम ये क्या कर रही हो शालू?’
तभी पीछे से मैनेजर ने कहा- तुम्हारी सहेली कह रही थी कि तुमको इस नौकरी की बहुत जरूरत है.. अगर तुम्हें ये काम पसन्द नहीं है तो तुम जा सकती हो। मैं नहीं चाहता हूँ कि तुम बाद में कोई शिकायत करो.. समझीं?
सविता भाभी ने हथियार डालते हुए कहा- जी सर..
बस फिर क्या था शालिनी को तो मानो हरी झण्डी मिल गई और वो सविता भाभी के कपड़े उतारने लगी।
शालिनी- सर यहाँ आइए।
मैनेजर ने सविता भाभी के नजदीक आकर उनके साथ क्या-क्या किया और आप सभी की गरम सविता भाभी ने किस तरह से चुदाई के खेल में अपना इंटरव्यू पास किया।
एक दिन खाना खाते हुए सविता भाभी ने अपने पति अशोक से पूछा- क्या बात है अशोक, तुम कुछ परेशान से लग रहे हो?
‘हाँ.. आर्थिक मंदी के कारण मेरी कम्पनी में भी परेशानियां हैं और इसी के चलते मेरी नौकरी भी जा सकती है।
सविता भाभी कुछ परेशान होकर सोच में पड़ गईं।
अशोक- तुम्हारा क्या रहा.. तुम अपना हैल्थ चैकअप कराने गई थीं?
सविता भाभी मन में उस चैकअप के दौरान हुई घटना को सोचते हुए बोलीं- सब ठीक रहा।
जबकि उनके मन में चल रहा था कि ‘अब तुम्हें क्या बताऊँ अशोक… चैकअप और भी मजेदार हो सकता था।’
खाने के दौरान सविता भाभी ने हैल्थ चैकअप के विषय को बदलते हुए कहा- अशोक, क्या मैं नौकरी करने की कोशिश करूँ? मेरी सहेली शालिनी कह रही थी कि उसके ऑफिस में एक जगह खाली है।
अशोक की मौन स्वीकृति को जान कर सविता भाभी ने फोन उठाते हुए बोला- मैं अभी शालिनी से बात करती हूँ।
शालिनी से बात करने के बाद सविता भाभी ने बताया- उसने मुझे दो दिन बाद मुझे अपने विवरण पत्र के साथ आने को कहा है।
अशोक- ओह्ह.. ठीक है।
दो दिन बाद:
सविता भाभी पूरी लगन से नौकरी के लिए इंटरव्यू के लिए तैयार होने लगीं।
वे अपने ड्रेसिंग टेबल के शीशे के सामने एक छोटी सी तौलिया पहने हुए अपने कामुक जिस्म को निहारते हुए सोच रही थीं कि इन्टरव्यू के लिए मुझे किस तरह की साड़ी ब्लाउज पहनना चाहिए।
फिर उन्होंने सोचा कि गहरे गले का ब्लाउज नीली साड़ी पहनती हूँ क्योंकि इन्टरव्यू के समय मुझे सुन्दर दिखना चाहिए।
अभी सविता भाभी अपने अंडरगारमेंट्स पहन ही रही थीं, उन्होंने एक छोटी सी पैन्टी पहनी फिर अपने भरे हुए मम्मों पर ब्रा पहन रही थीं कि मनोज मालिश वाला आ गया.. जो सविता भाभी की चूत को बड़े ढंग से चोद चुका था।
भाभी ने जैसे ही उसको देखा तो बड़ी प्रसन्नता जाहिर करते हुए उससे कहा- तुम बिल्कुल सही समय पर आए हो मनोज.. जरा मेरी ब्रा के हुक को लगा देना।
मनोज भाभी को सजने संवरने में मदद करने लगा और जब सविता भाभी पूरी तैयार हो गईं तो मनोज ने सविता भाभी की सुन्दरता की तारीफ़ करते हुए कहा- भाभी जी, आप बहुत सुन्दर लग रही हैं.. आपको नौकरी जरूर मिल जाएगी।
सविता भाभी एक ऑटो से शालिनी के ऑफिस पहुँच गईं और उधर पहुँच कर उन्होंने शालिनी को फोन लगाया- हैलो शालिनी.. मैं तुम्हारे ऑफिस के बाहर पहुँच गई हूँ.. हाँ ठीक है, मैं अन्दर आती हूँ..
सविता भाभी के मस्त कामुक जिस्म पर जिसकी भी नजर पड़ती.. वो एक पल के लिए उनकी तरफ ललचाई निगाहों से देखने लगता।
सविता भाभी ने बड़ी नफासत से शालिनी के ऑफिस में कदम रखा तो सामने शालिनी दिख गई।
‘हाय सविता.. यहाँ आ जाओ.. मैनेजर ज़रा फोन पर व्यस्त हैं.. बस अभी दस मिनट में उनसे मिलने चलते हैं।’
सविता भाभी अपनी सहेली शालिनी के साथ बैठ गईं और उन्होंने पूछा- शालू ये जगह काम के लिए सही है न?
शालिनी- ये जगह एकदम सही है.. बस तुम्हारा व्यवहार खुला और दोस्ताना होना चाहिए.. तुम यहाँ से बहुत कुछ पा सकती हो।
तभी घन्टी बज उठी, जिस पर शालिनी ने कहा- चलो बॉस ने बुलाया है।
अन्दर जाते ही शालिनी ने बॉस से सविता भाभी का परिचय कराते हुए कहा- सर ये मेरी सहेली है जिसके बारे में मैं आपको बता रही थी।
सर ने सविता भाभी को ऊपर से नीचे तक बेहद कामुकता भरी निगाहों से देखा और मन ही मन में सोचने लगा- क्या गरम चीज है.. इसके ऑफिस में होने से तो मेरा हमेशा खड़ा ही रहेगा।
‘हैलो.. आप सविता हैं न.. मेरा नाम पंकज मिश्रा है।’
‘जी.. मैं सविता ही हूँ!’
सर ने शालिनी से कहा- शालिनी, तुमने स्टाफ को कह दिया है न कि इन्टरव्यू खत्म होने तक हमें कोई भी डिस्टर्ब न करे..
‘जी मिश्रा जी मैंने कह दिया है।’ शालिनी ने कहा और वो देखने लगी कि मिश्रा जी सविता भाभी के मम्मों पर गहरी निगाह गड़ाए हुए हैं।
सविता ने भी इस बात पर गौर किया होगा।
सर ने सविता भाभी से कहा- आप बैठिए प्लीज़.. देखिये हमें अपने बड़े साहब के लिए एक पर्सनल सेक्रेटरी चाहिए.. एक ‘ख़ास’ सेक्रेटरी..!
‘जी..’
‘दरअसल बड़े साहब अक्सर बिजनेस टूर पर जाते रहते हैं। उनको कोई ऐसी सेक्रेटरी चाहिए.. जो उनकी यात्रा के टिकट, होटल बुकिंग करने के अलावा उनके साथ रह भी सके।’
‘उनके साथ रह सके?’
मैनेजर ने सविता भाभी के सवाल पर कोई ध्यान ने देते हुए उनके हुस्न के नशे में डूबते हुए सोचा कि काश ये माल मेरे साथ मेरे बेडरूम में हो तो मजा आ जाए। अगर ये मेरे बिस्तर में नंगी होकर मेरे साथ चुदने को तैयार हो जाए तो मजा आ जाए.. मैं तो इस पर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दूँ।
उसके मन मस्तिष्क में इस वक्त सविता भाभी का नंगा जिस्म घूम रहा था।
तभी मैनेजर ने खामोशी तोड़ते हुए सविता भाभी से पूछा- तो मैं कह रहा था कि क्या तुम इस काम के खुद को योग्य समझती हो? क्या तुम बड़े साहब की सभी ‘जरूरतों’ को पूरा कर पाओगी?
‘जी..’ सविता भाभी कुछ सोचने लगीं।
मैनेजर- तुम्हारी सहेली शालिनी ने इस कम्पनी में एक बहुत ही छोटी सी पोजीशन से काम शुरू किया था। पर ये काफी खुले विचारों की और सहयोग करने वाली है। इसलिए इसने बहुत तरक्की कर ली है। ठीक है न शालिनी?
शालिनी ने मैनेजर से चिपकते हुए बड़ी कामुकता से निकटता जताते हुए कहा- हाँ सविता.. जैसा मैंने तुम्हें बताया था कि अपने खुले विचारों और दोस्ताना रवैए से बॉस को खुश रखना ही सबसे जरूरी है। तुमको बताना चाहती हूँ कि बड़े साहब के बाद मिश्रा जी ही सर्वेसर्वा हैं.. इसी लिए मैं इन्हें खुश रखती हूँ।
सविता भाभी ने देखा कि शालिनी मिश्रा जी से एकदम चिपक कर खड़ी थी। ये देख कर सविता भाभी सोचने लगीं कि शालू कुछ ज्यादा ही चिपक रही है.. ये साली पहले से चुदक्कड़ रही है.. हो न हो इसने मिश्रा जी को अपने हुस्न के जाल में फंसाया हुआ है।
साथ ही सविता भाभी ने देखा कि मैनेजर मिश्रा शालिनी से चिपकते हुए कुछ गर्म से हो रहे हैं।
पर अगले ही पल सविता भाभी ने सोचा कि मुझे बहुत जल्दी किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए.. हो सकता है मैं गलत होऊँ।
पर जब शालिनी मैनेजर मिश्रा से चिपकी ही रही और मिश्रा ने भी शालिनी की गाण्ड से अपना हाथ नहीं हटाया तो सविता भाभी समझ गईं कि ये मैनेजर पक्के में शालिनी की गांड सहला रहा है।
इस सीन को देख कर सविता भाभी भी गरम होने लगीं।
तभी मैनेजर सविता भाभी की तारीफ़ करने लगा- सविता, वैसे तुम्हारी साड़ी भी बहुत खूबसूरत है। तुम पर बहुत फब रही है।
‘ओह्ह.. धन्यवाद..’
शालिनी ने एक कदम आगे बढ़ कर सविता भाभी की साड़ी के कपड़े को छू कर देखा और कहा- हम्म.. कपड़ा भी अच्छा है।
जब सविता ने कुछ नहीं कहा तो शालिनी ने सविता भाभी के ब्लाउज को टटोलते हुए कहा- तुम्हारा ब्लाउज भी बहुत सुन्दर है।
सविता भाभी अभी खुश ही हो रही थीं कि शालिनी ने सविता भाभी के पीछे हाथ डालते हुए सविता भाभी का ब्लाउज खोल दिया और यह कहते हुए ब्रा खोलने लगी- आओ, मैं तुम्हें तुम्हारी जिम्मेवारियां समझा दूँ।
सविता भाभी एकदम से अचकचा गईं।
‘तुम ये क्या कर रही हो शालू?’
तभी पीछे से मैनेजर ने कहा- तुम्हारी सहेली कह रही थी कि तुमको इस नौकरी की बहुत जरूरत है.. अगर तुम्हें ये काम पसन्द नहीं है तो तुम जा सकती हो। मैं नहीं चाहता हूँ कि तुम बाद में कोई शिकायत करो.. समझीं?
सविता भाभी ने हथियार डालते हुए कहा- जी सर..
बस फिर क्या था शालिनी को तो मानो हरी झण्डी मिल गई और वो सविता भाभी के कपड़े उतारने लगी।
शालिनी- सर यहाँ आइए।
मैनेजर ने सविता भाभी के नजदीक आकर उनके साथ क्या-क्या किया और आप सभी की गरम सविता भाभी ने किस तरह से चुदाई के खेल में अपना इंटरव्यू पास किया।
एक दिन खाना खाते हुए सविता भाभी ने अपने पति अशोक से पूछा- क्या बात है अशोक, तुम कुछ परेशान से लग रहे हो?
‘हाँ.. आर्थिक मंदी के कारण मेरी कम्पनी में भी परेशानियां हैं और इसी के चलते मेरी नौकरी भी जा सकती है।
सविता भाभी कुछ परेशान होकर सोच में पड़ गईं।
अशोक- तुम्हारा क्या रहा.. तुम अपना हैल्थ चैकअप कराने गई थीं?
सविता भाभी मन में उस चैकअप के दौरान हुई घटना को सोचते हुए बोलीं- सब ठीक रहा।
जबकि उनके मन में चल रहा था कि ‘अब तुम्हें क्या बताऊँ अशोक… चैकअप और भी मजेदार हो सकता था।’
खाने के दौरान सविता भाभी ने हैल्थ चैकअप के विषय को बदलते हुए कहा- अशोक, क्या मैं नौकरी करने की कोशिश करूँ? मेरी सहेली शालिनी कह रही थी कि उसके ऑफिस में एक जगह खाली है।
अशोक की मौन स्वीकृति को जान कर सविता भाभी ने फोन उठाते हुए बोला- मैं अभी शालिनी से बात करती हूँ।
शालिनी से बात करने के बाद सविता भाभी ने बताया- उसने मुझे दो दिन बाद मुझे अपने विवरण पत्र के साथ आने को कहा है।
अशोक- ओह्ह.. ठीक है।
दो दिन बाद:
सविता भाभी पूरी लगन से नौकरी के लिए इंटरव्यू के लिए तैयार होने लगीं।
वे अपने ड्रेसिंग टेबल के शीशे के सामने एक छोटी सी तौलिया पहने हुए अपने कामुक जिस्म को निहारते हुए सोच रही थीं कि इन्टरव्यू के लिए मुझे किस तरह की साड़ी ब्लाउज पहनना चाहिए।
फिर उन्होंने सोचा कि गहरे गले का ब्लाउज नीली साड़ी पहनती हूँ क्योंकि इन्टरव्यू के समय मुझे सुन्दर दिखना चाहिए।
अभी सविता भाभी अपने अंडरगारमेंट्स पहन ही रही थीं, उन्होंने एक छोटी सी पैन्टी पहनी फिर अपने भरे हुए मम्मों पर ब्रा पहन रही थीं कि मनोज मालिश वाला आ गया.. जो सविता भाभी की चूत को बड़े ढंग से चोद चुका था।
भाभी ने जैसे ही उसको देखा तो बड़ी प्रसन्नता जाहिर करते हुए उससे कहा- तुम बिल्कुल सही समय पर आए हो मनोज.. जरा मेरी ब्रा के हुक को लगा देना।
मनोज भाभी को सजने संवरने में मदद करने लगा और जब सविता भाभी पूरी तैयार हो गईं तो मनोज ने सविता भाभी की सुन्दरता की तारीफ़ करते हुए कहा- भाभी जी, आप बहुत सुन्दर लग रही हैं.. आपको नौकरी जरूर मिल जाएगी।
सविता भाभी एक ऑटो से शालिनी के ऑफिस पहुँच गईं और उधर पहुँच कर उन्होंने शालिनी को फोन लगाया- हैलो शालिनी.. मैं तुम्हारे ऑफिस के बाहर पहुँच गई हूँ.. हाँ ठीक है, मैं अन्दर आती हूँ..
सविता भाभी के मस्त कामुक जिस्म पर जिसकी भी नजर पड़ती.. वो एक पल के लिए उनकी तरफ ललचाई निगाहों से देखने लगता।
सविता भाभी ने बड़ी नफासत से शालिनी के ऑफिस में कदम रखा तो सामने शालिनी दिख गई।
‘हाय सविता.. यहाँ आ जाओ.. मैनेजर ज़रा फोन पर व्यस्त हैं.. बस अभी दस मिनट में उनसे मिलने चलते हैं।’
सविता भाभी अपनी सहेली शालिनी के साथ बैठ गईं और उन्होंने पूछा- शालू ये जगह काम के लिए सही है न?
शालिनी- ये जगह एकदम सही है.. बस तुम्हारा व्यवहार खुला और दोस्ताना होना चाहिए.. तुम यहाँ से बहुत कुछ पा सकती हो।
तभी घन्टी बज उठी, जिस पर शालिनी ने कहा- चलो बॉस ने बुलाया है।
अन्दर जाते ही शालिनी ने बॉस से सविता भाभी का परिचय कराते हुए कहा- सर ये मेरी सहेली है जिसके बारे में मैं आपको बता रही थी।
सर ने सविता भाभी को ऊपर से नीचे तक बेहद कामुकता भरी निगाहों से देखा और मन ही मन में सोचने लगा- क्या गरम चीज है.. इसके ऑफिस में होने से तो मेरा हमेशा खड़ा ही रहेगा।
‘हैलो.. आप सविता हैं न.. मेरा नाम पंकज मिश्रा है।’
‘जी.. मैं सविता ही हूँ!’
सर ने शालिनी से कहा- शालिनी, तुमने स्टाफ को कह दिया है न कि इन्टरव्यू खत्म होने तक हमें कोई भी डिस्टर्ब न करे..
‘जी मिश्रा जी मैंने कह दिया है।’ शालिनी ने कहा और वो देखने लगी कि मिश्रा जी सविता भाभी के मम्मों पर गहरी निगाह गड़ाए हुए हैं।
सविता ने भी इस बात पर गौर किया होगा।
सर ने सविता भाभी से कहा- आप बैठिए प्लीज़.. देखिये हमें अपने बड़े साहब के लिए एक पर्सनल सेक्रेटरी चाहिए.. एक ‘ख़ास’ सेक्रेटरी..!
‘जी..’
‘दरअसल बड़े साहब अक्सर बिजनेस टूर पर जाते रहते हैं। उनको कोई ऐसी सेक्रेटरी चाहिए.. जो उनकी यात्रा के टिकट, होटल बुकिंग करने के अलावा उनके साथ रह भी सके।’
‘उनके साथ रह सके?’
मैनेजर ने सविता भाभी के सवाल पर कोई ध्यान ने देते हुए उनके हुस्न के नशे में डूबते हुए सोचा कि काश ये माल मेरे साथ मेरे बेडरूम में हो तो मजा आ जाए। अगर ये मेरे बिस्तर में नंगी होकर मेरे साथ चुदने को तैयार हो जाए तो मजा आ जाए.. मैं तो इस पर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दूँ।
उसके मन मस्तिष्क में इस वक्त सविता भाभी का नंगा जिस्म घूम रहा था।
तभी मैनेजर ने खामोशी तोड़ते हुए सविता भाभी से पूछा- तो मैं कह रहा था कि क्या तुम इस काम के खुद को योग्य समझती हो? क्या तुम बड़े साहब की सभी ‘जरूरतों’ को पूरा कर पाओगी?
‘जी..’ सविता भाभी कुछ सोचने लगीं।
मैनेजर- तुम्हारी सहेली शालिनी ने इस कम्पनी में एक बहुत ही छोटी सी पोजीशन से काम शुरू किया था। पर ये काफी खुले विचारों की और सहयोग करने वाली है। इसलिए इसने बहुत तरक्की कर ली है। ठीक है न शालिनी?
शालिनी ने मैनेजर से चिपकते हुए बड़ी कामुकता से निकटता जताते हुए कहा- हाँ सविता.. जैसा मैंने तुम्हें बताया था कि अपने खुले विचारों और दोस्ताना रवैए से बॉस को खुश रखना ही सबसे जरूरी है। तुमको बताना चाहती हूँ कि बड़े साहब के बाद मिश्रा जी ही सर्वेसर्वा हैं.. इसी लिए मैं इन्हें खुश रखती हूँ।
सविता भाभी ने देखा कि शालिनी मिश्रा जी से एकदम चिपक कर खड़ी थी। ये देख कर सविता भाभी सोचने लगीं कि शालू कुछ ज्यादा ही चिपक रही है.. ये साली पहले से चुदक्कड़ रही है.. हो न हो इसने मिश्रा जी को अपने हुस्न के जाल में फंसाया हुआ है।
साथ ही सविता भाभी ने देखा कि मैनेजर मिश्रा शालिनी से चिपकते हुए कुछ गर्म से हो रहे हैं।
पर अगले ही पल सविता भाभी ने सोचा कि मुझे बहुत जल्दी किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए.. हो सकता है मैं गलत होऊँ।
पर जब शालिनी मैनेजर मिश्रा से चिपकी ही रही और मिश्रा ने भी शालिनी की गाण्ड से अपना हाथ नहीं हटाया तो सविता भाभी समझ गईं कि ये मैनेजर पक्के में शालिनी की गांड सहला रहा है।
इस सीन को देख कर सविता भाभी भी गरम होने लगीं।
तभी मैनेजर सविता भाभी की तारीफ़ करने लगा- सविता, वैसे तुम्हारी साड़ी भी बहुत खूबसूरत है। तुम पर बहुत फब रही है।
‘ओह्ह.. धन्यवाद..’
शालिनी ने एक कदम आगे बढ़ कर सविता भाभी की साड़ी के कपड़े को छू कर देखा और कहा- हम्म.. कपड़ा भी अच्छा है।
जब सविता ने कुछ नहीं कहा तो शालिनी ने सविता भाभी के ब्लाउज को टटोलते हुए कहा- तुम्हारा ब्लाउज भी बहुत सुन्दर है।
सविता भाभी अभी खुश ही हो रही थीं कि शालिनी ने सविता भाभी के पीछे हाथ डालते हुए सविता भाभी का ब्लाउज खोल दिया और यह कहते हुए ब्रा खोलने लगी- आओ, मैं तुम्हें तुम्हारी जिम्मेवारियां समझा दूँ।
सविता भाभी एकदम से अचकचा गईं।
‘तुम ये क्या कर रही हो शालू?’
तभी पीछे से मैनेजर ने कहा- तुम्हारी सहेली कह रही थी कि तुमको इस नौकरी की बहुत जरूरत है.. अगर तुम्हें ये काम पसन्द नहीं है तो तुम जा सकती हो। मैं नहीं चाहता हूँ कि तुम बाद में कोई शिकायत करो.. समझीं?
सविता भाभी ने हथियार डालते हुए कहा- जी सर..
बस फिर क्या था शालिनी को तो मानो हरी झण्डी मिल गई और वो सविता भाभी के कपड़े उतारने लगी।
शालिनी- सर यहाँ आइए।
मैनेजर ने सविता भाभी के नजदीक आकर उनके साथ क्या-क्या किया और आप सभी की गरम सविता भाभी ने किस तरह से चुदाई के खेल में अपना इंटरव्यू पास किया।
एक दिन खाना खाते हुए सविता भाभी ने अपने पति अशोक से पूछा- क्या बात है अशोक, तुम कुछ परेशान से लग रहे हो?
‘हाँ.. आर्थिक मंदी के कारण मेरी कम्पनी में भी परेशानियां हैं और इसी के चलते मेरी नौकरी भी जा सकती है।
सविता भाभी कुछ परेशान होकर सोच में पड़ गईं।
अशोक- तुम्हारा क्या रहा.. तुम अपना हैल्थ चैकअप कराने गई थीं?
सविता भाभी मन में उस चैकअप के दौरान हुई घटना को सोचते हुए बोलीं- सब ठीक रहा।
जबकि उनके मन में चल रहा था कि ‘अब तुम्हें क्या बताऊँ अशोक… चैकअप और भी मजेदार हो सकता था।’
खाने के दौरान सविता भाभी ने हैल्थ चैकअप के विषय को बदलते हुए कहा- अशोक, क्या मैं नौकरी करने की कोशिश करूँ? मेरी सहेली शालिनी कह रही थी कि उसके ऑफिस में एक जगह खाली है।
अशोक की मौन स्वीकृति को जान कर सविता भाभी ने फोन उठाते हुए बोला- मैं अभी शालिनी से बात करती हूँ।
शालिनी से बात करने के बाद सविता भाभी ने बताया- उसने मुझे दो दिन बाद मुझे अपने विवरण पत्र के साथ आने को कहा है।
अशोक- ओह्ह.. ठीक है।
दो दिन बाद:
सविता भाभी पूरी लगन से नौकरी के लिए इंटरव्यू के लिए तैयार होने लगीं।
वे अपने ड्रेसिंग टेबल के शीशे के सामने एक छोटी सी तौलिया पहने हुए अपने कामुक जिस्म को निहारते हुए सोच रही थीं कि इन्टरव्यू के लिए मुझे किस तरह की साड़ी ब्लाउज पहनना चाहिए।
फिर उन्होंने सोचा कि गहरे गले का ब्लाउज नीली साड़ी पहनती हूँ क्योंकि इन्टरव्यू के समय मुझे सुन्दर दिखना चाहिए।
अभी सविता भाभी अपने अंडरगारमेंट्स पहन ही रही थीं, उन्होंने एक छोटी सी पैन्टी पहनी फिर अपने भरे हुए मम्मों पर ब्रा पहन रही थीं कि मनोज मालिश वाला आ गया.. जो सविता भाभी की चूत को बड़े ढंग से चोद चुका था।
भाभी ने जैसे ही उसको देखा तो बड़ी प्रसन्नता जाहिर करते हुए उससे कहा- तुम बिल्कुल सही समय पर आए हो मनोज.. जरा मेरी ब्रा के हुक को लगा देना।
मनोज भाभी को सजने संवरने में मदद करने लगा और जब सविता भाभी पूरी तैयार हो गईं तो मनोज ने सविता भाभी की सुन्दरता की तारीफ़ करते हुए कहा- भाभी जी, आप बहुत सुन्दर लग रही हैं.. आपको नौकरी जरूर मिल जाएगी।
सविता भाभी एक ऑटो से शालिनी के ऑफिस पहुँच गईं और उधर पहुँच कर उन्होंने शालिनी को फोन लगाया- हैलो शालिनी.. मैं तुम्हारे ऑफिस के बाहर पहुँच गई हूँ.. हाँ ठीक है, मैं अन्दर आती हूँ..
सविता भाभी के मस्त कामुक जिस्म पर जिसकी भी नजर पड़ती.. वो एक पल के लिए उनकी तरफ ललचाई निगाहों से देखने लगता।
सविता भाभी ने बड़ी नफासत से शालिनी के ऑफिस में कदम रखा तो सामने शालिनी दिख गई।
‘हाय सविता.. यहाँ आ जाओ.. मैनेजर ज़रा फोन पर व्यस्त हैं.. बस अभी दस मिनट में उनसे मिलने चलते हैं।’
सविता भाभी अपनी सहेली शालिनी के साथ बैठ गईं और उन्होंने पूछा- शालू ये जगह काम के लिए सही है न?
शालिनी- ये जगह एकदम सही है.. बस तुम्हारा व्यवहार खुला और दोस्ताना होना चाहिए.. तुम यहाँ से बहुत कुछ पा सकती हो।
तभी घन्टी बज उठी, जिस पर शालिनी ने कहा- चलो बॉस ने बुलाया है।
अन्दर जाते ही शालिनी ने बॉस से सविता भाभी का परिचय कराते हुए कहा- सर ये मेरी सहेली है जिसके बारे में मैं आपको बता रही थी।
सर ने सविता भाभी को ऊपर से नीचे तक बेहद कामुकता भरी निगाहों से देखा और मन ही मन में सोचने लगा- क्या गरम चीज है.. इसके ऑफिस में होने से तो मेरा हमेशा खड़ा ही रहेगा।
‘हैलो.. आप सविता हैं न.. मेरा नाम पंकज मिश्रा है।’
‘जी.. मैं सविता ही हूँ!’
सर ने शालिनी से कहा- शालिनी, तुमने स्टाफ को कह दिया है न कि इन्टरव्यू खत्म होने तक हमें कोई भी डिस्टर्ब न करे..
‘जी मिश्रा जी मैंने कह दिया है।’ शालिनी ने कहा और वो देखने लगी कि मिश्रा जी सविता भाभी के मम्मों पर गहरी निगाह गड़ाए हुए हैं।
सविता ने भी इस बात पर गौर किया होगा।
सर ने सविता भाभी से कहा- आप बैठिए प्लीज़.. देखिये हमें अपने बड़े साहब के लिए एक पर्सनल सेक्रेटरी चाहिए.. एक ‘ख़ास’ सेक्रेटरी..!
‘जी..’
‘दरअसल बड़े साहब अक्सर बिजनेस टूर पर जाते रहते हैं। उनको कोई ऐसी सेक्रेटरी चाहिए.. जो उनकी यात्रा के टिकट, होटल बुकिंग करने के अलावा उनके साथ रह भी सके।’
‘उनके साथ रह सके?’
मैनेजर ने सविता भाभी के सवाल पर कोई ध्यान ने देते हुए उनके हुस्न के नशे में डूबते हुए सोचा कि काश ये माल मेरे साथ मेरे बेडरूम में हो तो मजा आ जाए। अगर ये मेरे बिस्तर में नंगी होकर मेरे साथ चुदने को तैयार हो जाए तो मजा आ जाए.. मैं तो इस पर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दूँ।
उसके मन मस्तिष्क में इस वक्त सविता भाभी का नंगा जिस्म घूम रहा था।
तभी मैनेजर ने खामोशी तोड़ते हुए सविता भाभी से पूछा- तो मैं कह रहा था कि क्या तुम इस काम के खुद को योग्य समझती हो? क्या तुम बड़े साहब की सभी ‘जरूरतों’ को पूरा कर पाओगी?
‘जी..’ सविता भाभी कुछ सोचने लगीं।
मैनेजर- तुम्हारी सहेली शालिनी ने इस कम्पनी में एक बहुत ही छोटी सी पोजीशन से काम शुरू किया था। पर ये काफी खुले विचारों की और सहयोग करने वाली है। इसलिए इसने बहुत तरक्की कर ली है। ठीक है न शालिनी?
शालिनी ने मैनेजर से चिपकते हुए बड़ी कामुकता से निकटता जताते हुए कहा- हाँ सविता.. जैसा मैंने तुम्हें बताया था कि अपने खुले विचारों और दोस्ताना रवैए से बॉस को खुश रखना ही सबसे जरूरी है। तुमको बताना चाहती हूँ कि बड़े साहब के बाद मिश्रा जी ही सर्वेसर्वा हैं.. इसी लिए मैं इन्हें खुश रखती हूँ।
सविता भाभी ने देखा कि शालिनी मिश्रा जी से एकदम चिपक कर खड़ी थी। ये देख कर सविता भाभी सोचने लगीं कि शालू कुछ ज्यादा ही चिपक रही है.. ये साली पहले से चुदक्कड़ रही है.. हो न हो इसने मिश्रा जी को अपने हुस्न के जाल में फंसाया हुआ है।
साथ ही सविता भाभी ने देखा कि मैनेजर मिश्रा शालिनी से चिपकते हुए कुछ गर्म से हो रहे हैं।
पर अगले ही पल सविता भाभी ने सोचा कि मुझे बहुत जल्दी किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए.. हो सकता है मैं गलत होऊँ।
पर जब शालिनी मैनेजर मिश्रा से चिपकी ही रही और मिश्रा ने भी शालिनी की गाण्ड से अपना हाथ नहीं हटाया तो सविता भाभी समझ गईं कि ये मैनेजर पक्के में शालिनी की गांड सहला रहा है।
इस सीन को देख कर सविता भाभी भी गरम होने लगीं।
तभी मैनेजर सविता भाभी की तारीफ़ करने लगा- सविता, वैसे तुम्हारी साड़ी भी बहुत खूबसूरत है। तुम पर बहुत फब रही है।
‘ओह्ह.. धन्यवाद..’
शालिनी ने एक कदम आगे बढ़ कर सविता भाभी की साड़ी के कपड़े को छू कर देखा और कहा- हम्म.. कपड़ा भी अच्छा है।
जब सविता ने कुछ नहीं कहा तो शालिनी ने सविता भाभी के ब्लाउज को टटोलते हुए कहा- तुम्हारा ब्लाउज भी बहुत सुन्दर है।
सविता भाभी अभी खुश ही हो रही थीं कि शालिनी ने सविता भाभी के पीछे हाथ डालते हुए सविता भाभी का ब्लाउज खोल दिया और यह कहते हुए ब्रा खोलने लगी- आओ, मैं तुम्हें तुम्हारी जिम्मेवारियां समझा दूँ।
सविता भाभी एकदम से अचकचा गईं।
‘तुम ये क्या कर रही हो शालू?’
तभी पीछे से मैनेजर ने कहा- तुम्हारी सहेली कह रही थी कि तुमको इस नौकरी की बहुत जरूरत है.. अगर तुम्हें ये काम पसन्द नहीं है तो तुम जा सकती हो। मैं नहीं चाहता हूँ कि तुम बाद में कोई शिकायत करो.. समझीं?
सविता भाभी ने हथियार डालते हुए कहा- जी सर..
बस फिर क्या था शालिनी को तो मानो हरी झण्डी मिल गई और वो सविता भाभी के कपड़े उतारने लगी।
शालिनी- सर यहाँ आइए।

मैनेजर ने सविता भाभी के नजदीक आकर उनके साथ क्या-क्या किया और आप सभी की गरम सविता भाभी ने किस तरह से चुदाई के खेल में अपना इंटरव्यू पास किया।
















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